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मई 13 – यहूदा के गोत्र का सिंह।

“तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है. (प्रकाशितवाक्य 5:5)

बाइबल में तीन ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनकी तुलना सिंह से की गई है: प्रभु यीशु मसीह: यहूदा गोत्र का सिंह (प्रकाशितवाक्य 5:5),

धर्मी जन: सिंह के समान निडर (नीतिवचन 28:1),

शैतान: गरजते हुए सिंह के समान, जो इस ताक में रहता है कि किसे फाड़ खाए (1 पतरस 5:8).

हालाँकि शैतान का वर्णन सिंह के समान किया गया है, पर वह वास्तव में साहसी नहीं है. परमेश्वर का वचन कहता है: “इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा.” (याकूब 4:7). शैतान पहले ही हार चुका है. क्रूस पर, मसीह ने उसके सिर को कुचल दिया और उससे उसकी शक्ति और अधिकार छीन लिया. इसलिए, धर्मी जन निडर होकर खड़े हो सकते हैं और उस पर विजय पा सकते हैं.

दृढ़ रहे और डरो नहीं: जब शत्रु समस्याएँ लाता है, तो उसका सामना करे. जब युद्ध छिड़ते हैं और विरोध बढ़ता है, तो हिम्मत मत हारे. “यदि विपत्ति के दिन तू हियाव छोड़ दे, तो तेरी शक्ति बहुत कम है.” (नीतिवचन 24:10). आप इधर-उधर भागने वाले किसी डरे हुए मनुष्य के समान नहीं है. पर एक सिंह है.

राजा—यहूदा का सिंह—सिंहासन पर विराजमान है, और हम उसके बच्चे है.

साहस का रहस्य: हिम्मत और सच्ची प्रार्थना हमें मज़बूत बनाएगी. सबसे बड़ी बीमारियों में से एक है डर. लोग नकारात्मक, डर से भरे शब्द बोल सकते हैं—विशेषकर बीमारी के समय. वे ऐसी बातें कहेंगे, “इस खास बीमारी से सौ में से केवल एक ही बच पाता है…” “इस बीमारी से बहुत से लोग मर चुके हैं…” ऐसे शब्द किसी भी व्यक्ति को कमज़ोर कर सकते हैं. लेकिन धर्मी जन डर से विचलित नहीं होते—वे सिंह के समान निडर बने रहते हैं.

जब लोगों ने पतरस और यूहन्ना का साहस देखा, तो वे चकित रह गए और उन्हें एक बात समझ में आई, कि वे यीशु के साथ रहे थे. (प्रेरितों के काम 4:13). वास्तव में, यही उनका रहस्य था.

यहाँ तक कि एक सिंह का बच्चा भी तब निडर बन जाता है जब वह सिंह के साथ रहता है. उसी प्रकार, हम जितना अधिक प्रभु की उपस्थिति में रहेंगे और पवित्र आत्मा से भरे रहेंगे, उतना ही अधिक साहस और शक्ति हमारे भीतर आएगी. पतरस और युहन्ना बहुत ज़्यादा पढ़े-लिखे विद्वान नहीं थे, फिर भी उन्होंने शासकों के सामने निडर होकर सुसमाचार का प्रचार किया और एक महान आध्यात्मिक जागृति लाई.

परमेश्वर के प्रिय लोगों, निडर और साहसी बने. प्रभु हमारे साथ है.

मनन के लिए वचन: “जिस दिन मैंने पुकारा, उसी दिन तू ने मेरी सुन ली, और मुझ में बल दे कर मुझे हियाव बन्धाया.” (भजन संहिता 138:3)

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