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मई 14 – गवाही का वचन।

“और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली. (प्रकाशितवाक्य 12:11)

हम उन आत्मिक हथियारों पर मनन कर रहे हैं जो हार को विजय में बदल देते हैं. उनमें से सबसे शक्तिशाली हथियारों में से एक है आपकी गवाही का वचन—एक ऐसा जीवन जो सचमुच मसीह को दर्शाता है.

सच्ची गवाही की नींव: यदि आप विजयी जीवन चाहते हैं, तो एक जीवित गवाही के साथ पवित्र जीवन जीना अनिवार्य है. परमेश्वर उन लोगों के साथ मिलकर काम करता है जो पवित्रता में चलते हैं. ऐसे जीवन की नींव पवित्र आत्मा से भरा होना है: “परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे.” (प्रेरितों के काम 1:8)

सच्ची गवाही क्या है? गवाही का मतलब केवल सप्ताह में एक बार कलीसिया में खड़े होकर यह कहना नहीं है कि, “मेरा सिरदर्द चला गया है” या “मेरा दर्द ठीक हो गया है.” सच्ची गवाही एक ऐसा जीवन है जो शब्दों से कहीं अधिक ज़ोर से बोलता है, और एक ऐसा जीवन है जो देखने वालों को प्रभावित करता है ताकि वे उसके द्वारा परमेश्वर को देखें और उसकी महिमा करें. आपके जीवन को बोलना चाहिए, न कि केवल आपके होठों को.

लेकिन यदि हम सुसमाचार का प्रचार करते हैं, पर अपनी गवाही खो देते हैं: तो लोग नहीं सुनेंगे, वे विश्वास नहीं करेंगे, और वे मसीह के पास नहीं आएंगे.

इसीलिए महात्मा गांधी ने एक बार कहा था: “मुझे यीशु मसीह पसंद हैं, लेकिन मुझे आपके मसीही लोग पसंद नहीं हैं.” उन्होंने यह बात उन लोगों से भेदभाव का अनुभव करने के बाद कही थी जो खुद को मसीही होने का दावा करते थे. उनका जीवन उनके संदेश के विपरीत था.

आज भी, कुछ नए विश्वासी जब मसीहियों का असंगत जीवन देखते हैं, तो वे पीछे हट जाते हैं. एक नया बचाया गया विश्वासी, कड़े विरोध और यहाँ तक कि धमकियों के बावजूद, दृढ़ बना रहा. लेकिन जब उसने उसी पादरी को, जिसने उसे बपतिस्मा दिया था, चुपके से सिगरेट पीते हुए या फिर गाली देते या फिर कुछ ऐसा करते जो एक प्रभु के सेवक को नहीं भाता, तो वह भीतर से बुरी तरह हिल गया—और इसके कारण वह अपने विश्वास से भटक जाता है.

“मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं.” (भजन संहिता 119:11). एक विजयी जीवन वह है जो: पवित्रता में जड़ जमाए हुए हो, परमेश्वर के वचन पर आधारित हो, और पवित्र आत्मा द्वारा सामर्थ्य प्राप्त हो. इसी प्रकार की गवाही शैतान पर जय पाती है.

जब आप अंधेरी घाटियों से होकर गुज़रते हैं, तो शत्रु आप पर पैनी नज़र रखता है—यह देखने के लिए कि क्या आपका जीवन आपके विश्वास के अनुरूप है.

परमेश्वर के प्रिय लोगों, एक पवित्र और सुसंगत जीवन आपके लिए स्वर्ग के द्वार खोल देगा.

इस तरह जीवन जिए कि आपका जीवन ही आपकी गवाही बन जाए.

मनन के लिए वचन: “मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है॥” (यूहन्ना 16:33)

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