Appam, Appam - Hindi

जून 18 – भुलाया नहीं गया।

“क्या दो पैसे की पांच गौरैयां नहीं बिकतीं? तौभी परमेश्वर उन में से एक को भी नहीं भूलता. (लूका 12:6)

प्रभु के शब्द हमें कितना अद्भुत दिलासा देते हैं! प्रभु ने कहा, “आकाश के पक्षियों को देखो.” हाँ, जब हम आकाश के पक्षियों को देखते हैं, तो हमारे मन में यह विश्वास जागता है कि हमारे स्वर्गीय पिता, जो उनकी देखभाल करते हैं, वे हमसे और भी अधिक प्रेम और ध्यान के साथ हमारी देखभाल करेंगे.

पक्षियों में, गौरैया सबसे कमज़ोर पक्षियों में से एक है. उसके पंख मोर की तरह सुंदर नहीं होते. उसकी आवाज़ कोयल की तरह मीठी नहीं होती. वह बहुत नाज़ुक होती है और अक्सर इंसानी बस्तियों के पास आश्रय ढूंढती है.

फिर भी, स्वयं प्रभु इन गौरैयों की देखभाल करते हैं. भले ही दुनिया उन्हें सस्ते दाम पर खरीदती और बेचती हो, लेकिन परमेश्वर की इच्छा के बिना उनमें से एक भी ज़मीन पर नहीं गिरती.

गौरैया की तरह, दुनिया में हज़ारों पक्षी हैं — छोटे और बड़े, जिनकी आदतें और विशेषताएँ अलग-अलग हैं. फिर भी हमारे स्वर्गीय पिता रोज़ाना उन सभी को भोजन देते हैं. वे न तो भविष्य की चिंता करते हैं और न ही चीज़ों का संग्रह करते हैं.

परमेश्वर के प्रिय लोगों, वही परमेश्वर जानता है कि हमारी ज़रूरतों को कैसे पूरा करना है. उसकी नज़रें और विचार हमारे जीवन की हर छोटी-बड़ी बात पर हैं. यह कितनी शानदार सच्चाई है!

क्या उसने जंगल में इज़राइल की भारी भीड़ का भरण-पोषण नहीं किया? क्या उसने हर दिन स्वर्ग से मन्ना की बारिश नहीं कराई? क्या उसने उनके डेरे के चारों ओर बटेर नहीं गिराए? (व्यवस्थाविवरण 2:7)

एलिय्याह को देखे. अकाल के समय, प्रभु ने चमत्कारिक रूप से कौवों के द्वारा उसे भोजन खिलाया. पानी के लिए, परमेश्वर ने केरीत नाले का इंतज़ाम किया. जब अकाल और गंभीर हो गया, तो प्रभु ने सारपत की विधवा के घर में अपने नबी का भरण-पोषण किया और आटे व तेल को खत्म नहीं होने दिया. जब एलिय्याह जंगल में था, तो परमेश्वर ने उसे खिलाने के लिए एक स्वर्गदूत भी भेजा. ओह, हमारे प्रभु का प्रेम और करुणा कितनी महान है!

अब नए नियम की ओर आते हैं. जब यीशु मसीह ने जंगल में दिन-रात उपदेश दिया, तो उन्होंने पाँच हज़ार लोगों को भोजन कराया. पाँच रोटियों और दो मछलियों से, उन्होंने पूरी भीड़ के लिए भोजन का इंतज़ाम किया. हाँ, वही परमेश्वर हमारी सभी ज़रूरतों को पूरा करने में समर्थ है. इसलिए, प्रेरित पौलुस ने लिखा: “और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा.” (फिलिप्पियों 4:19)

मनन करने के लिए वचन: “आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है!” (भजन संहिता 31:19)

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