जून 10 – जैसा कहा, वैसा ही।
“मैं तुम से सच कहता हूं कि जो कोई इस पहाड़ से कहे; कि तू उखड़ जा, और समुद्र में जा पड़, और अपने मन में सन्देह न करे, वरन प्रतीति करे, कि जो कहता हूं वह हो जाएगा, तो उसके लिये वही होगा.” (मरकुस 11:23)
प्रभु हमारे कहे शब्दों का सम्मान करते हैं. धर्मी लोग जो कहते हैं, वह पूरा होता है (मरकुस 11:23).
बाइबल कहती है: “वह जो कुछ भी करता है, उसमें सफल होता है.” (भजन संहिता 1:3)
और फिर: “कि यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा. क्योंकि धामिर्कता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है.” (रोमियों 10:9-10)
जब हम विश्वास के साथ कहते हैं: “उनके कोड़े खाने से हम चंगे हो गए” (1 पतरस 2:24), “… कि उस ने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया॥” (मत्ती 8:17), “मैं ही वह प्रभु हूँ जो तुम्हें चंगा करता है” (निर्गमन 15:26),
तो हम चंगाई और स्वास्थ्य पा सकते हैं.
जब हम कहते हैं: “उन्होंने स्वयं कहा है, ‘मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूँगा और न ही कभी त्यागूँगा’” (इब्रानियों 13:5), “मेरी उपस्थिति तुम्हारे साथ चलेगी” (निर्गमन 33:14), “प्रभु ने हमें विश्राम दिया है” (2 इतिहास 14:7), तो हम परमेश्वर की उपस्थिति और संगति का अनुभव करने लगते हैं.
जब हम विश्वास के साथ कहते हैं: “किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं.” (फिलिप्पियों 4:6), तो हमें चिंता से छुटकारा मिलता है.
जब हम कहते हैं: “जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं.” (फिलिप्पियों 4:13), तो हमें ईश्वरीय सामर्थ्य मिलती है.
जब हम कहते हैं: “यहोवा मेरा चरवाहा है; मुझे कुछ घटी ना होगी.” (भजन संहिता 23:1) “और मेरा परमेश्वर मसीह यीशु के द्वारा अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हारी हर ज़रूरत को पूरा करेगा.” (फिलिप्पियों 4:19), तो हम बिना किसी कमी के भरपूर जीवन जी सकते हैं.
आशीष पाने के लिए हमें क्या स्वीकार करना चाहिए? “यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाएं, जो मैं आज तुझे सुनाता हूं, चौकसी से पूरी करने का चित्त लगाकर उसकी सुने, तो वह तुझे पृथ्वी की सब जातियों में श्रेष्ट करेगा.
फिर अपने परमेश्वर यहोवा की सुनने के कारण ये सब आर्शीवाद तुझ पर पूरे होंगे. धन्य हो तू नगर में, धन्य हो तू खेत में. धन्य हो तेरी सन्तान, और तेरी भूमि की उपज, और गाय और भेड़-बकरी आदि पशुओं के बच्चे. धन्य हो तेरी टोकरी और तेरी कठौती. धन्य हो तू भीतर आते समय, और धन्य हो तू बाहर जाते समय. यहोवा ऐसा करेगा कि तेरे शत्रु जो तुझ पर चढ़ाई करेंगे वे तुझ से हार जाएंगे; वे एक मार्ग से तुझ पर चढ़ाई करेंगे, परन्तु तेरे साम्हने से सात मार्ग से हो कर भाग जाएंगे. तेरे खत्तों पर और जितने कामों में तू हाथ लगाएगा उन सभों पर यहोवा आशीष देगा; इसलिये जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में वह तुझे आशीष देगा.” (व्यवस्थाविवरण 28:1–8)
अगर आप विश्वास के साथ इन वचनों को स्वीकार करते हैं, तो आपको ये सभी आशीषें मिलेंगी.
मनन करने के लिए वचन: “यह इसलिये हुआ, कि इब्राहिम की आशीष मसीह यीशु में अन्यजातियों तक पंहुचे, और हम विश्वास के द्वारा उस आत्मा को प्राप्त करें, जिस की प्रतिज्ञा हुई है॥” (गलातियों 3:14)