मई 28 – हज़ारों और दस हज़ारों।
“पर तुम सिय्योन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्वर्गीय यरूशलेम के पास. और लाखों स्वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धमिर्यों की आत्माओं. और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लोहू के पास आए हो, जो हाबिल के लोहू से उत्तम बातें कहता है.” (इब्रानियों 12:22–24)
जब कोई व्यक्ति मसीह को अपने हृदय में ग्रहण करता है और उसके निकट आता है, तो वह अनेक धन्य विशेषाधिकारों का अनुभव करने लगता है. वह सिय्योन पहाड़ के पास, स्वर्गीय यरूशलेम—जीवते परमेश्वर के नगर—के पास आता है. वह उन पहिलौठों की महासभा और कलीसिया के पास आता है जिनके नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं. वह सिद्ध किए गए धर्मी लोगों की आत्माओं के पास आता है. वह यीशु मसीह के लहू के पास आता है. और केवल इतना ही नहीं—वह असंख्य स्वर्गदूतों की मण्डली के पास आता है.
हमारे स्वर्गीय पिता का परिवार अत्यंत विशाल और महिमामय है. यह पृथ्वी और स्वर्ग—दोनों में फैला हुआ है. पृथ्वी पर, लाखों विश्वासी हैं. स्वर्ग में, असंख्य करूब, सराफीम और स्वर्गदूत हैं. सचमुच, मसीह का परिवार अत्यंत महिमामय है.
बहुत से लोग यह गलत धारणा बना लेते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मसीही बन जाता है, तो वह सामाजिक रूप से निम्न हो गया है, उसने अपने विशेषाधिकार खो दिए हैं, अवसरों से वंचित रह गया है, या हो सकता है कि समाज द्वारा उसे ठुकरा भी दिया जाए. परन्तु सत्य यह है: कोई व्यक्ति चाहे कितना भी पापी या निर्धन क्यों न हो, जब वह यीशु को ग्रहण करता है, तो वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उपस्थिति में आ जाता है. वह राजाओं के राजा की संतान बन जाता है और एक ऐसे परिवार में प्रवेश करता है जो असंख्य स्वर्गदूतों से घिरा हुआ है.
जिस प्रकार हम परमेश्वर के पास आते हैं, उसी प्रकार स्वर्गदूत भी हमारे पास आते हैं. परमेश्वर ने हमारी भलाई के लिए स्वर्गदूतों को नियुक्त किया है. यद्यपि वे शक्ति में सामर्थी और गति में तीव्र होते हैं, तथापि उसने उन्हें हमारी सेवा करने के लिए सेवक आत्माएँ बनाया है.
बाइबल कहती है: “क्या वे सब सेवा टहल करने वाली आत्माएं नहीं; जो उद्धार पाने वालों के लिये सेवा करने को भेजी जाती हैं?” (इब्रानियों 1:14)
जब शैतान हमें प्रलोभन देने या हमें नष्ट करने के लिए अपनी सेनाएँ भेजने का इरादा करता है, तो प्रभु हमारी रक्षा के लिए अग्नि के रथ, घोड़े, और हज़ारों-हज़ार स्वर्गदूत भेजने के लिए तत्पर रहता है.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, क्या आप मसीह के परिवार में दृढ़ता से स्थिर रहेगे?
मनन के लिए वचन: “भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है. और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें? उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं.” (2 राजा 6:15–16)