अगस्त 01 – एक नया महीना।
“आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों. हे यहोवा, बिनती सुन, उद्धार कर! हे यहोवा, बिनती सुन, सफलता दे!” (भजन संहिता 118:24–25)
अपनी कृपा से, प्रभु हमें इस वर्ष के पहले सात महीनों में सुरक्षित रूप से ले आए हैं और हमें अगस्त का पहला दिन देखने का अवसर दिया है. भजनकार घोषणा करता है, “आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों.” यह महीना ऐसा हो जिसमें आप परमेश्वर की उपस्थिति से भरे हों, उनकी भलाई में आनंद लें, और विजय-पर-विजय में आगे बढ़ें.
आपका समय प्रभु के हाथों में है. हर दिन को उनकी देखरेख में सौंपें और प्रार्थना करें, “हे प्रभु, आपकी उपस्थिति मेरे आगे-आगे चले. मुझे अपने प्रेम में ले चल.” जब आप अपने बोझ और चिंताओं को उन पर डालते हैं और उनसे छुटकारा पाने के लिए उन पर भरोसा करते हैं, तो वे निश्चित रूप से आपका हाथ थामेंगे और आपके हर कदम का मार्गदर्शन करेंगे.
“सो कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है॥” (मत्ती 6:34) जैसे हर दिन का अपना सूर्योदय और सूर्य का प्रकाश होता है, वैसे ही प्रभु की दया हर सुबह नई होती है. “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है.प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है.” (विलापगीत 3:22–23)
हर दिन की शुरुआत परमेश्वर के साथ करें, और जब भी अवसर मिले उनकी स्तुति करें. राजा दाऊद दिन में हृदय से प्रभु की स्तुति करते थे. उन्होंने घोषणा की: “मैंने प्रभु को हमेशा अपने सामने रखा है; क्योंकि वे मेरे दाहिने हाथ हैं, मैं डगमगाऊंगा नहीं.” (भजन संहिता 16:8)
हर दिन की चुनौतियाँ, जिम्मेदारियाँ और संघर्ष ऐसे लग सकते हैं जैसे घोड़े आपके जीवन के रथ को अलग-अलग दिशाओं में खींच रहे हों. फिर भी, स्वयं प्रभु ही लगाम थामे हुए हैं और आपकी यात्रा का मार्गदर्शन करते हैं. वे इस पूरे महीने आपको सुरक्षित रूप से ले चलें, आपको अपनी सुरक्षा से घेरे रखें और प्रार्थना के माध्यम से आपको संभाले रखें. पवित्र शास्त्र कहता हैं: “इसलिये आज तू यह जान ले, कि जो तेरे आगे भस्म करने वाली आग की नाईं पार जाने वाला है वह तेरा परमेश्वर यहोवा है; और वह उनका सत्यानाश करेगा, और वह उन को तेरे साम्हने दबा देगा; और तू यहोवा के वचन के अनुसार उन को उस देश से निकाल कर शीघ्र ही नष्ट कर डालेगा.” (व्यवस्थाविवरण 9:3)
जैसे-जैसे यह नया महीना शुरू हो रहा है, खुद को पूरी तरह से परमेश्वर की इच्छा के अधीन कर दें. लगातार जाँचते रहें कि क्या आप उसके दिव्य मकसद के अनुसार चल रहे हैं.
प्रभु के पास आपके जीवन के लिए एक अनंत मकसद, एक उत्तम योजना और एक निश्चित बुलाहट है. उसकी इच्छा है कि आप प्रभु यीशु के स्वरूप में ढल जाएँ. “क्योंकि जिन्हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे.” (रोमियों 8:29)
प्रभु हमेशा आपकी भलाई के लिए काम करते हैं. लोग आपको नुकसान पहुँचाने की सोच सकते हैं, लेकिन परमेश्वर हर बुराई को भलाई में बदलने और आपके जीवन में आशीष लाने में समर्थ हैं.
मनन के लिए वचन: “और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं.” (रोमियों 8:28)