जून 29 – परन्तु मैं तो कीड़ा हूं।
“परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है.” (भजन संहिता 22:6).
बहुत से संतों ने, जब परमेश्वर के सामने खुद को विनम्र किया, तो खुद को कीड़े, मकोड़े, धूल, अयोग्य और मामूली प्राणी, और यहाँ तक कि समय से पहले जन्मे बच्चे के समान कहा.
जब अब्राहम ने खुद को विनम्र किया, तो उन्होंने कहा: “फिर इब्राहीम ने कहा, हे प्रभु, सुन मैं तो मिट्टी और राख हूं; तौभी मैं ने इतनी ढिठाई की कि तुझ से बातें करूं.” (उत्पत्ति 18:27). मूसा ने परमेश्वर के सामने खुद को विनम्र किया और कहा: “मूसा ने यहोवा से कहा, हे मेरे प्रभु, मैं बोलने में निपुण नहीं, न तो पहिले था, और न जब से तू अपने दास से बातें करने लगा; मैं तो मुंह और जीभ का भद्दा हूं.” (निर्गमन 4:10).
यिर्मयाह ने कहा: “तब मैं ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा! देख, मैं तो बोलना ही नहीं जानता, क्योंकि मैं लड़का ही हूँ. परन्तु यहोवा ने मुझ से कहा, मत कह कि मैं लड़का हूँ; क्योंकि जिस किसी के पास मैं तुझे भेजूं वहां तू जाएगा, और जो कुछ मैं तुझे आजा दूं वही तू कहेगा.” (यिर्मयाह 1:6–7).
हाँ, प्रभु ने उन्हीं का इस्तेमाल किया जिन्होंने खुद को विनम्र किया. परमेश्वर एक कीड़े को भी लेकर उसे अपना साधन बना सकते हैं.
दाऊद के राजा चुने जाने के बाद भी, उन्हें तुरंत सिंहासन नहीं मिला. शाऊल ने पहाड़ों में तीतर की तरह उनका पीछा किया. मन से पूरी तरह टूटकर, दाऊद चिल्ला उठे: “मैं तो कीड़ा हूँ, मनुष्य नहीं; मनुष्यों की निन्दा का पात्र और लोगों द्वारा तुच्छ समझा गया.”
शायद आज भी दूसरे लोग आपका अपमान करते हों, आपको ठुकराते हों और आपको मामूली समझते हों. हो सकता है कि कोई आपसे प्यार न करता हो. लेकिन एक है जो सचमुच आपसे प्यार करता है—वह जिसने आपके प्रति अपने प्रेम के कारण स्वर्ग छोड़ दिया और धरती पर आया – हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह.
केंचुए (earthworm) के बारे में सोचिए. उसकी हालत कितनी दयनीय होती है! वह पक्षी की तरह खुले आसमान में उड़ नहीं सकता. वह खेत के जानवरों की तरह दौड़ नहीं सकता. फिर भी वह छोटा केचुआ खेती की जमीन के लिए कितना उपयोगी है.
परमेश्वर की रचनाओं में विशाल हाथी है, जो अपनी सूंड उठाकर और सुंदर दाँत दिखाकर शान से चलता है. शेर ताकत और गरिमा के साथ निडर होकर खड़े होते हैं. लेकिन कीड़ा बहुत असहाय लगता है. वह दूसरे जीवों की तरह सीधा चल भी नहीं सकता. जब वह ज़मीन पर रेंगता है, तो आने-जाने वालों के पैरों तले कुचल दिया जाता है. उसके पास चिल्लाने के लिए आवाज़ भी नहीं होती. फिर भी प्रभु आपकी और मेरी परवाह करते हैं, भले ही हमें खुद को कीड़े-मकोड़ों जैसा तुच्छ क्यों न महसूस हो. पतरस कहते हैं: “और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है.” (1 पतरस 5:7).
इतना ही नहीं—वे एक प्रेम करने वाले प्रभु हैं. जब प्रभु दयालुता से इंसानों की परवाह करते हैं, प्यार से उनकी देखभाल करते हैं और उनकी रक्षा करते हैं, तो आप क्यों परेशान हों? आप क्यों रोएँ?
मनन के लिए वचन: “मैं तेरा इलाज कर के तेरे घावों को चंगा करूंगा, यहोवा की यह वाणी है; क्योंकि तेरा नाम ठुकराई हुई पड़ा है: वह तो सिय्योन है, उसकी चिन्ता कौन करता है?” (यिर्मयाह 30:17).