अक्टूबर 17 – धर्म के लिए।
“धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है.” (मत्ती 5:10)
जब आप प्रभु का भय मानते हैं और उसकी धार्मिकता को अपनाते हैं, तो आपको शैतान के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है. परमेश्वर का कट्टर दुश्मन होने के नाते, शैतान हर उस व्यक्ति का पक्का विरोधी बन जाता है जो धार्मिकता से जीना चाहता है. वह प्रलोभन, परीक्षाएँ और संघर्ष लाता है. वह ऐसे हालात पैदा करता है जो परमेश्वर के लोगों का हौसला तोड़ सकते हैं और उन्हें निराश कर सकते हैं.
मेरे पिता ने लगभग सोलह साल तक सरकारी नौकरी की. क्योंकि उन्होंने रिश्वत लेने से इनकार किया, अमीर और प्रभावशाली लोगों के पीछे नहीं भागे, और सच्चाई व ईमानदारी से काम किया, इसलिए अक्सर उनका मज़ाक उड़ाया जाता था.
क्योंकि उन्होंने वहाँ की व्यापार सगठन में शामिल न होने का फ़ैसला किया, इसलिए उन्हें अलग-थलग कर दिया गया और उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया. उन्हें कई अधिकारियों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा क्योंकि उन्होंने कई धार्मिक रीति-रिवाजों में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.
लेकिन प्रभु ने उन्हें अपनाया और उन्हें दिलासा दिया. उसने उन्हें भरोसा दिलाया: “मेरे बेटे, तू धन्य है. क्योंकि तूने मेरे नाम और धार्मिकता के लिए दुख सहा है, इसलिए तुझे आशीष मिलेगी.” प्रभु ने उन लोगों से स्वर्ग के राज्य का वादा किया है जो धार्मिकता के लिए दुख सहते हैं.
हो सकता है कि प्रभु के प्रति आपके प्रेम और धार्मिकता व न्याय के प्रति आपकी निष्ठा के कारण समाज ने आपको भी ठुकरा दिया हो. कुछ गाँवों में, मसिहियों को तरह-तरह के सामाजिक दबाव और बहिष्कार के ज़रिए सताया जाता है. मैंने ऐसी कई बहनों को देखा है जिन्होंने गैर-मसीही धार्मिक पृष्ठभूमि से आकर मसीह को अपनाया, लेकिन उनके पतियों ने उन्हें ठुकरा दिया और परिवारों ने उन्हें सताया, जिससे वे संघर्ष और परेशानी में पड़ गईं. डरे नहीं. प्रभु आपका पक्ष लेगा और आपको न्याय दिलाएगा.
शद्रक, मेशक और अबेद-नगो धार्मिकता के लिए मज़बूती से खड़े रहे. पवित्र साहस के साथ, उन्होंने घोषणा की कि वे किसी भी मूर्ति के सामने नहीं झुकेंगे और न ही प्रभु के अलावा किसी और की पूजा में अपने हाथ उठाएँगे. उनके इस रुख के कारण, आग की भट्टी को सामान्य से सात गुना ज़्यादा धधकाया गया. लेकिन परमेश्वर स्वय भट्टी में उतरा और उनके साथ चला. परमेश्वर ने उनकी इतनी अच्छी तरह से रक्षा की कि आग उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकी. आज भी, परमेश्वर के धन्य और विश्वासयोग्य लोगों में उनके नाम याद किए जाते हैं.
अगर आप प्रभु के लिए हिम्मत के साथ खड़े होते हैं, तो प्रभु आपके लिए और भी हिम्मत के साथ खड़े होंगे. प्रेरित पौलुस, जिनका नाम विश्वास के महान नायकों में गिना जाता है, ने उन लोगों के बारे में बात करने में कोई संकोच नहीं किया जिन्होंने धार्मिकता के लिए दुख सहा. पवित्र शास्त्र कहता है कि दुनिया ऐसे लोगों के लायक नहीं थी.
हाँ, वे धार्मिकता के लिए मज़बूती से खड़े रहे. वे समझते थे कि जीवन इसी दुनिया के साथ खत्म नहीं होता. उनमें एक महान और जीवित विश्वास था कि इस सांसारिक जीवन के बाद, उन्हें स्वर्ग का राज्य मिलेगा.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, प्रभु के लिए मज़बूती से खड़े रहे. नेकी के लिए जोश रखे. सिर्फ़ स्वीकार किए जाने, पद, आराम या दुनिया की मंज़ूरी पाने के लिए अपने विश्वास से समझौता मत करे. जब आप नेकी के लिए खड़े होते हैं, तो आप धन्य होते हैं.
मनन के लिए वचन: “यदि हम धीरज से सहते रहेंगे, तो उसके साथ राज्य भी करेंगे: यदि हम उसका इन्कार करेंगे तो वह भी हमारा इन्कार करेगा.” (2 तीमुथियुस 2:12)