सितम्बर 30 – परमेश्वर की हाथ।
“तब जादूगरोंने फिरौन से कहा, यह तो परमेश्वर के हाथ का काम है. तौभी यहोवा के कहने के अनुसार फिरौन का मन कठोर होता गया, और उसने मूसा और हारून की बात न मानी॥” (निर्गमन 8:19)
मूसा ने फ़िरौन के सामने कई चमत्कार किए और मिस्र पर कई विपत्तियाँ आईं. मिस्र के जादूगरों ने भी अपने जादू-टोने से कुछ चमत्कार दिखाए. लेकिन जब मूसा ने ज़मीन की धूल पर प्रहार किया, तो पूरे देश की धूल टिड्डी बन गई. जादूगरों ने भी इस चमत्कार को दोहराने की कोशिश की, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए. इसलिए, उन्होंने फ़िरौन से कहा, “यह परमेश्वर का हाथ है.”
हाँ, उन्होंने पहचान लिया कि मूसा के ज़रिए परमेश्वर का हाथ काम कर रही थी. इंसानों के काम सीमित होते हैं. यहाँ तक कि दुश्मन की शक्ति से जादूगरों द्वारा किए गए कामों की भी सीमाएँ होती हैं. लेकिन परमेश्वर के हाथ से किए गए चमत्कार इंसानी क्षमता से परे होते हैं—ऐसे शक्तिशाली और अलौकिक काम जिन्हें कोई और नहीं कर सकता.
प्रभु ने आपको हाथों में दस उंगलियाँ दी हैं. इन हाथों से आप अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत और काम करते हैं. लेकिन जब आप अपने हाथों को प्रभु के हाथों से जोड़ते हैं, तो वह आपके ज़रिए असाधारण काम कर सकते हैं. जिस तरह प्रभु ने प्रेरित पौलुस के हाथों से विशेष चमत्कार किए, उसी तरह वह आपके हाथों से भी अद्भुत काम कर सकते हैं.
परमेश्वर के हाथ रचना करने वाली हाथ हैं. “जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं.” (भजन संहिता 8:3)
दाऊद ने आकाश की ओर देखा और परमेश्वर की उंगलियों के काम पर आश्चर्य किया. परमेश्वर द्वारा बनाई गई हर चीज़ उनकी अनंत बुद्धि, उनकी शक्तिशाली सामर्थ्य और उनकी कृपा की गवाही देती है. परमेश्वर के हाथों के काम इंसानी समझ से परे हैं. आकाश, चाँद और तारे लगातार उनकी महानता का बखान करते हैं. और आप भी उनके हाथों की एक अद्भुत रचना हैं!
परमेश्वर के हाथ पवित्र हाथ हैं. परमेश्वर की पवित्र हाथों ने ही दस आज्ञाएँ लिखीं और उन्हें इस्राएल के लोगों के पवित्र जीवन के लिए मूसा को दिया. “जब परमेश्वर मूसा से सीनै पर्वत पर ऐसी बातें कर चुका, तब उसने उसको अपनी उंगली से लिखी हुई साक्षी देनेवाली पत्थर की दोनों तख्तियां दी॥” (निर्गमन 31:18)
पत्थर की पट्टियों पर उंगली से लिखने के बारे में सोचना कितना अद्भुत है! फिर भी, परमेश्वर की उंगलियां इतनी सामर्थी थीं कि उन्होंने उन पट्टियों पर अपनी आज्ञाएं उकेर दीं. आज, प्रभु अपनी आज्ञाएं केवल पत्थर की पट्टियों पर ही नहीं, बल्कि आपके हृदय और अंतःकरण पर भी लिखें. वह अपनी आत्मा के द्वारा आपके भीतर अपने आत्मिक नियम लिखें. तब आप पवित्रता में लगातार बढ़ते जाएंगे और महिमा से महिमा की ओर बदलते जाएंगे.
परमेश्वर के हाथ क्षमा करने वाले हाथ हैं. जब शास्त्री और फरीसी व्यभिचार में पकड़ी गई एक स्त्री को यीशु के सामने लाए और उसे दोषी ठहराने के लिए तैयार खड़े थे, तब यीशु नीचे झुके और अपनी उंगली से ज़मीन पर कुछ लिखा. उन लेखों ने उस स्त्री को क्षमा और छुटकारा दिलाया.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, उसके घायल हाथों से बहे उस बहुमूल्य लहू के द्वारा उसकी क्षमा का महिमामय आश्वासन प्राप्त करे, जो आपके लिए छेदे गए थे.
मनन के लिए वचन: “परन्तु यदि मैं परमेश्वर की सामर्थ से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो परमेश्वर का राज्य तुम्हारे पास आ पहुंचा.” (लूका 11:20)