Appam, Appam - Hindi

नवंबर 05 – पवित्र शास्त्र के माध्यम से।

“इन को अपने हृदय में सदा गांठ बान्धे रख; और अपने गले का हार बना ले. वह तेरे चलने में तेरी अगुवाई, और सोते समय तेरी रक्षा, और जागते समय तुझ से बातें करेगी.” (नीतिवचन 6:21–22).

प्रभु के पास हमसे बात करने के हज़ारों तरीके हैं. वह प्रकृति के माध्यम से बात करते हैं, और वह पवित्र शास्त्र के ज़रिए भी हमसे बात करते हैं. सारा पवित्र शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से लिखा गया है.

प्रभु ने अपने सेवकों के द्वारा पवित्र शास्त्र लिखवाया और यह सुनिश्चित किया कि वह छपकर हमारे हाथों तक पहुँचे. उन्होंने अपने लिखित वचन के साथ अपनी आवाज़ को भी जोड़ दिया है.

बाइबल देखने में शायद किसी अन्य साधारण किताब जैसी लगे. अन्य किताबों की तरह, यह भी कागज़ पर स्याही से छपी है. फिर भी, यह अद्वितीय है और बाकी सभी किताबों से कहीं अधिक अनमोल है.

पवित्र शास्त्र के हर शब्द में आत्मा और जीवन समाया है. चूँकि पवित्र शास्त्र के शब्द आत्मा और जीवन हैं, इसलिए उनमें हमें नया जीवन देने की शक्ति है. ये पढ़ने वालों की आत्माओं में जीवन का संचार करते हैं और उनसे बातचीत भी करते हैं. इसलिए, किसी भी अन्य किताब की तुलना बाइबल से नहीं की जा सकती.

बचपन से ही, मेरे पिता की उच्च शिक्षा प्राप्त करने की तीव्र इच्छा थी. उनके पिता, जो विदेश में रहते थे, ने अपने पत्रों में बार-बार लिखा, “बेटा, तुम्हें M.A. ज़रूर करना चाहिए.” उनके कहे अनुसार, उन्होंने अपना M.A. पूरा किया. इसके बाद, उन्होंने एक और M.A. करने की इच्छा जताई और उसे भी पूरा कर लिया. उन्होंने आयकर कानूनों का भी अध्ययन किया.

हालाँकि, इन किताबों से उन्हें केवल सांसारिक ज्ञान ही मिला; इनसे उनकी आत्मा को कभी विश्राम नहीं मिला, न ही परमेश्वर की शांति, उद्धार का आनंद या स्वर्ग की महिमा प्राप्त हुई.

लेकिन यह बाइबल आत्मा और जीवन है. इसने उनसे बात की, उन्हें एक नई सृष्टि में बदल दिया, और उनमें जीवन का संचार किया. उस जीवन ने उन्हें अनंत काल के लिए ऊँचा उठाया और उनमें परमेश्वर की सामर्थ्य का संचार किया.

पवित्र शास्त्र को हमें उतने प्रभावी ढंग से कोई और नहीं समझा सकता, जितना कि पवित्र आत्मा समझा सकते हैं—वही पवित्र आत्मा, जिनकी प्रेरणा से यह शास्त्र लिखा गया था. जब हम सच्चे दिल और पूरी लगन से पुकारते हैं, “हे पिता, कृपया मुझसे बात करें. कृपया मुझे अपने वचन की गहराइयों और रहस्यों को प्रकट करें,” तब प्रभु पवित्र शास्त्र के माध्यम से हमसे बात करते हैं. उनके वादे भरे वचन हमें प्रोत्साहित करते हैं और हमारे अंदर साहस भर देते हैं.

परमेश्वर के प्रिय लोगों, पवित्र शास्त्र को अनमोल समझें, उससे प्रेम करें और उसे पढ़ें.

मनन के लिए वचन: “परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है.” (भजन संहिता 1:2).

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