नवंबर 06 – सपनों और दर्शनों के द्वारा।
“उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उण्डेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी, और तुम्हारे पुरनिये स्वप्न देखेंगे, और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे.” (योएल 2:28).
प्रभु हमसे बात करने के लिए हमें सपने और दर्शन देते हैं. इन अंतिम दिनों में, वह सभी लोगों पर अपनी आत्मा उंडेल रहे हैं ताकि वह हमसे बात कर सकें. पवित्र आत्मा के द्वारा, वह स्वर्ग और पृथ्वी को एक साथ ला रहे हैं.
जैसे-जैसे हमारे बीच ‘बाद की बारिश’ (आध्यात्मिक आशीष) बरस रही है, हमारे बीच भविष्यवक्ता उठ रहे हैं. सुसमाचार प्रचारक सामने आ रहे हैं, और साथ ही वे लोग भी जो प्रभु के लिए महान कार्य करते हैं. इसके अलावा, हमारे बुजुर्ग दर्शन देख रहे हैं, और हमारे जवान सपने देख रहे हैं.
जब हम पुराने नियम में यूसुफ के बारे में पढ़ते हैं, तो पाते हैं कि उसे ‘सपने देखने वाले’ के रूप में जाना जाता था. अपनी जवानी के दिनों से ही, प्रभु ने सपनों के ज़रिए यूसुफ से बात की और उसे भविष्य के बारे में बताया.
सपने तीन तरह के होते हैं.
पहले प्रकार के सपने वे हैं जो सपने देखने वाले व्यक्ति के जीवनकाल में ही पूरे हो जाते हैं – उदाहरण के लिए, यूसुफ के सपने. उसकी जवानी में देखे गए ज़्यादातर सपने बाद में तब पूरे हुए, जब वह मिस्र में ऊंचे पद पर पहुँचा. चूँकि प्रभु ने यूसुफ को पहले ही सपने और दर्शन दे दिए थे, इसलिए वह अपने कठिन रास्ते पर भी खुशी-खुशी आगे बढ़ सका.
दूसरे प्रकार के सपनों और भविष्यवाणियों में वे शामिल हैं, जैसे कि दानिय्येल को दिए गए सपने, जिनका पूरा होना एक लंबे समय के बाद होता है. इन सपनों के कुछ हिस्से अभी भी पूरे होने बाकी हैं. अपने सपनों के ज़रिए, दानिय्येल को हज़ार साल के राज्य और यहाँ तक कि अनंत काल के बारे में भी पता चला.
तीसरे प्रकार के सपनों में घटनाओं को ठीक उसी समय देखना शामिल है, जब वे घटित हो रही होती हैं. ठीक वैसे ही जैसे हम यहाँ भारत में बैठे-बैठे टेलीविज़न पर दुनिया के किसी भी हिस्से में हो रही घटनाओं को देख सकते हैं—यहाँ तक कि अंतरिक्ष यान से जुड़ी घटनाओं को भी—वैसे ही प्रभु अपनी कृपा से हमें कुछ घटनाओं को उनके घटित होने के समय ही देखने का सामर्थ्य देते हैं.
सपना एक ईश्वरीय भाषा है. कभी-कभी हम सपने का अर्थ सीधे समझ सकते हैं; तो कभी-कभी यह किसी दृष्टांत (कहानी) के रूप में आता है. प्रभु इसके अर्थ को एक रहस्य के रूप में छिपा भी सकते हैं.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, प्रभु आपसे सपनों के ज़रिए बात करेंगे. वह जो सपने और दर्शन देता है, उनके गहरे अर्थ होते हैं, और वह आपको उनका अर्थ बताएगा.
मनन के लिए वचन: “तब यहोवा ने कहा, मेरी बातें सुनो: यदि तुम में कोई नबी हो, तो उस पर मैं यहोवा दर्शन के द्वारा अपने आप को प्रगट करूंगा, वा स्वप्न में उससे बातें करूंगा.” (गिनती 12:6).