Appam, Appam - Hindi

अगस्त 21 – छेद वाली थैली।

“तुम ने बहुत बोया परन्तु थोड़ा काटा; तुम खाते हो, परन्तु पेट नहीं भरता; तुम पीते हो, परन्तु प्यास नहीं बुझती; तुम कपड़े पहिनते हो, परन्तु गरमाते नहीं; और जो मजदूरी कमाता है, वह अपनी मजदूरी की कमाई को छेदवाली थैली में रखता है॥ (हाग्गै 1:6)

भविष्यवक्ता हाग्गै के ज़रिए, प्रभु हमारे सामने लोगों के कई समूहों को रखते हैं.

सबसे पहले, वह एक किसान की बात करते हैं. हालाँकि वह बहुत ज़्यादा बीज बोता है, फिर भी उसे बहुत कम फ़सल मिलती है. उसका खेत दूसरों के खेतों की तरह तीस गुना, साठ गुना या सौ गुना फ़सल क्यों नहीं देता? उसकी थैली में छेद क्यों हैं?

इसके बाद, हाग्गै लोगों के एक और समूह की ओर इशारा करते हैं. उनके पास खाने के लिए बहुत कुछ है, फिर भी वे चाहे कितना भी खा लें, उन्हें कभी संतुष्टि नहीं मिलती. ऐसा लगता है जैसे कोई कभी न मिटने वाली भूख उन्हें लगातार खाए जा रही है. उनकी आत्माओं को न तो शांति मिलती है और न ही संतोष. उनके पास भी छेद वाली थैली के अलावा और कुछ नहीं है.

फिर वह हमारे सामने एक और समूह को लाते हैं. हालाँकि उन्होंने कई कपड़े पहने हैं और गर्म कंबल ओढ़े हैं, फिर भी उन्हें कभी गर्मी महसूस नहीं होती. उनके शरीर लगातार कांपते रहते हैं. यह भी एक तरह की छेद वाली थैली ही है.

भविष्यवक्ता हाग्गै इसका कारण बताते हैं: “क्या तुम्हारे लिये अपने छत वाले घरों में रहने का समय है, जब कि यह भवन उजाड़ पड़ा है?” (हाग्गै 1:4)

उनकी अपनी प्राथमिकताओं ने ही उनकी थैलियों में छेद किए हैं. छेद वाली थैली में धन नहीं टिक सकता. फटे हुए जाल में मछली नहीं रोकी जा सकती. टूटी-फूटी वेदी पर आग नहीं उतरेगी. जो लोग प्रभु के घर की अनदेखी करते हैं, वे उसकी भरपूर आशीष का आनंद लेने की उम्मीद नहीं कर सकते.

जब आप प्रभु का सम्मान करते हैं, तो वह आपका सम्मान करेगा. जब आप उसे पहला स्थान देते हैं, तो वह आपको ऊँचा उठाएगा और सम्मान के स्थान पर स्थापित करेगा. जब आप ईमानदारी से प्रभु के घर में अपना दसवां अंश लाते हैं, तो वह स्वर्ग की खिड़कियाँ खोलने और इतनी भरपूर आशीष बरसाने का वादा करता है कि उसे ग्रहण करने के लिए जगह भी कम पड़ जाएगी (मलाकी 3:10). बाइबल बताती हैं: “अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डोंसे नया दाखमधु उमण्डता रहेगा॥” (नीतिवचन 3:9–10)

परमेश्वर के प्रिय लोगों, इन शब्दों को अपने हृदय पर पक्का लिख ​​ए: “प्रभु सबसे पहले हैं.” जब हम उनसे सच्चा प्रेम करते है, तो क्या हम खुशी-खुशी उन्हें उस सबका पहला हिस्सा देगे जो उन्होंने हमको सौंपा है? जब हम इस तरह उनका हृदय खुश करते है, तो वे हमारा हृदय खुश करेंगे. अपनी महिमा की समृद्धि के अनुसार, वे हमारी सभी ज़रूरतों को पूरा करेंगे और हमारा प्याला उनकी आशीषों से लगातार छलक उठेगा.

मनन के लिए वचन: “इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी.” (मत्ती 6:33)

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