अगस्त 05 – प्रभु की सेना का सेनापति।
“उसने उत्तर दिया, कि नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं. तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है?” (यहोशू 5:14)
किसी ने एक बार “प्रभु के सेनापति” नाम का एक वीडियो बनाया था. इसमें परमेश्वर के उन सेवकों का ज़िक्र था जिनका प्रभु ने ज़बरदस्त इस्तेमाल किया और उनकी सफल सेवकाई और मसीह के लिए जीती गई बहुत सी आत्माओं के पीछे के आध्यात्मिक रहस्यों को समझाया गया था. यह वीडियो कीमती आध्यात्मिक सीखों और गहरे सत्यों से भरा हुआ था.
सच तो यह है कि जब प्रभु आपको देखते हैं, तो उन्हें एक योद्धा दिखाई देता है. उन्हें वह व्यक्ति दिखता है जिसे उनकी सेना में सेनापति के तौर पर सेवा करने के लिए बुलाया गया है. जब भी आप प्रभु की लड़ाइयाँ लड़ने के लिए आगे बढ़ते हैं, तो स्वर्ग की सेनाएँ आपके साथ खड़ी होती हैं. प्रभु आपके लिए सेवा करने के लिए अपने शक्तिशाली स्वर्गदूतों को नियुक्त करते हैं. “क्या वे सब सेवा टहल करने वाली आत्माएं नहीं; जो उद्धार पाने वालों के लिये सेवा करने को भेजी जाती हैं?” (इब्रानियों 1:14)
जब कोई स्थानीय सरकारी अधिकारी निरीक्षण के लिए जाता है, तो आमतौर पर कुछ सहायक उसके साथ होते हैं. ज़िला-स्तर का अधिकारी कई और लोगों के साथ यात्रा कर सकता है, जबकि कैबिनेट मंत्री के साथ अक्सर और भी बड़ा दल होता है. अधिकार जितना ऊँचा होता है, अधिकारी की मदद करने, सुरक्षा करने और उसके निर्देशों का पालन करने के लिए नियुक्त लोगों की संख्या उतनी ही ज़्यादा होती है.
इसी तरह, रोमन साम्राज्य में, सौ सैनिकों की कमान संभालने के लिए शतपतियों (centurions) को नियुक्त किया जाता था, जो उनके आदेशों का पालन करने के लिए तैयार रहते थे. उनके ऊपर सेनापति होते थे जो हज़ारों सैनिकों का नेतृत्व करते थे. सैन्य अधिकार का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से तय रैंक और ज़िम्मेदारियों के ज़रिए किया जाता था.
इसी तरह, शैतान का भी एक संगठित राज्य है. कोई जादूगर जो दुष्टात्माओं पर हुक्म चलाने का दावा करता है, वह खुद को सैन्य कमांडर जैसा समझ सकता है. ऐसी शक्तियाँ अक्सर मसीह के काम, परमेश्वर के सेवकों की सेहत और मसीही परिवारों की एकता के ख़िलाफ़ काम करती हैं. ऐसी आध्यात्मिक लड़ाई में, प्रभु के सेवक होने के नाते हमें कितना मज़बूती से खड़ा होना चाहिए और विश्वास की अच्छी लड़ाई लड़नी चाहिए!
प्रभु आपको अपने सेनापतियों में से एक के रूप में देखते हैं. शैतान के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ने के लिए, उन्होंने अपने लहू की शक्ति आपके हाथों में सौंपी है. “और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली.” (प्रकाशितवाक्य 12:11)
यीशु का शक्तिशाली नाम भी हमको हथियार के तौर पर दिया है. “आत्मा की तलवार, जो परमेश्वर का वचन है,” उसे थाम ले. प्रभु की स्तुति और सच्ची प्रार्थना को अपने आध्यात्मिक हथियार बनाए, जिन्हें खुद परमेश्वर से शक्ति मिलती है. इनका इस्तेमाल हिम्मत और भरोसे के साथ करे.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, आप मसीह का सिपाही है, उसकी सेवा में वफादार और प्रभु की सेना में साहसी योद्धा बनने के लिए बुलाया गये है.
मनन के लिए वचन: “क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं.” (2 कुरिन्थियों 10:4)