अक्टूबर 10 – एक मार्ग है।
“उसका मार्ग कोई मांसाहारी पक्षी नहीं जानता, और किसी गिद्ध (बाज़) की दृष्टि उस पर नहीं पड़ी.” (अय्यूब 28:7)
यहाँ, पवित्र शास्त्र बाज़ के बारे में बात करता है, एक ऐसा पक्षी जिसकी नज़र बहुत तेज़ होती है. उसके पैर मज़बूत होते हैं और उसके पंख उसे तेज़ी से उड़ने में मदद करते हैं. बाज़ दूसरे पक्षियों और चूहों व खरगोशों जैसे जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें खाते हैं, और वे अपने बच्चों के लिए भी खाना ले जाते हैं.
कुछ बाज़ अपने घोंसले से मीलों दूर जा सकते हैं और लौटते समय बहुत सटीकता से अपना रास्ता ढूँढ़ लेते हैं.
फिर भी अय्यूब एक ऐसे रास्ते की बात करता है जिसे बाज़ की तेज़ नज़रें भी नहीं देख सकतीं. ज़मीन से बहुत ऊँचाई पर उड़ने वाले पायलटों ने भी इसे नहीं देखा है. यहाँ तक कि रॉकेट से अंतरिक्ष की दुनिया में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों ने भी इसे नहीं खोजा है.
अय्यूब इस रास्ते के बारे में लगभग एक रहस्यमयी पहेली की तरह बात करता है. यह वह रास्ता है जिस पर प्रभु के आने पर संत ऊपर उठा लिए जाएँगे.
भविष्यवक्ता यशायाह कहता है: “और वहां एक सड़क अर्थात राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे.” (यशायाह 35:8) यह वह मार्ग है जो आपको स्वर्ग ले जाता है. यीशु ने कहा: “सँकरे फाटक से प्रवेश करो.” (मत्ती 7:13)
विनाश की ओर ले जाने वाला मार्ग चौड़ा होता है, और बहुत से लोग उससे होकर जाते हैं. लेकिन जीवन की ओर ले जाने वाला फाटक सँकरा होता है और रास्ता मुश्किल होता है, और बहुत कम लोग ही उसे पाते हैं (मत्ती 7:13–14).
शायद एलिय्याह को इसी स्वर्गीय मार्ग से ले जाया गया था जब आग के रथ और आग के घोड़ों ने उसे एलीशा से अलग कर दिया और उसे बवंडर ऊपर ले गया. शायद हनोक ने भी इसी रास्ते से यात्रा की थी जब परमेश्वर ने उसे बिना मृत्यु देखे ही अपने पास बुला लिया था. और जब यीशु मसीह के इस धरती से जाने का समय आया, तो बादलों ने उन्हें अपनी गोद में ले लिया. उन्हें इसी स्वर्गीय रास्ते से ऊपर ले जाया गया और अब वे पिता के दाहिने हाथ बैठे हैं.
जब तुरही फूँकी जाएगी, तो हम भी उसी रास्ते से ऊपर उठा लिए जाएँगे! उस दिन, दुनिया हमें देखेगी और हैरान होगी: “ये कौन हैं जो बादल की नाईं और दर्बाओं की ओर उड़ते हुए कबूतरों की नाईं चले आते हैं?”
(यशायाह 60:8) वह कितना शानदार दिन होगा!
इस धरती पर हमारा समय बहुत कम है. यह परछाई की तरह बीत जाता है (भजन संहिता 144:4). यह भाप की तरह गायब हो जाता है (याकूब 4:14). यह एक कहानी की तरह बीत जाता है जो सुनाई गई हो (भजन संहिता 90:9). हम उस घास की तरह हैं जो सुबह तो फलती-फूलती है, लेकिन शाम तक काट दी जाती है और सूख जाती है (भजन संहिता 90:6). लेकिन हमारी कहानी यहीं खत्म नहीं होती. हम हमेशा-हमेशा के लिए प्रभु के घर में रहेंगे.
एक रास्ता है—ऐसा रास्ता जिसे यह दुनिया अपनी आँखों से नहीं देख सकती. यह हमारे अनंत घर का रास्ता है. आइए हम अपनी नज़रें यीशु पर टिकाए रखें और खुशी-खुशी उस दिन का इंतज़ार करें जब वे हमें अपने पास ले जाने के लिए आएंगे.
मनन के लिए वचन: “और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो.” (यूहन्ना 14:3)