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सितम्बर 17 – महिमामय।

“फिर दिन को सूर्य तेरा उजियाला न होगा, न चान्दनी के लिये चन्द्रमा परन्तु यहोवा तेरे लिये सदा का उजियाला और तेरा परमेश्वर तेरी शोभा ठहरेगा.” (यशायाह 60:19)

यशायाह की किताब का 60वां अध्याय सबसे सुंदर और गहरे अर्थ वाले अध्यायों में से एक है. यह अध्याय परमेश्वर की महिमा के बारे में बताता है. इसकी शुरुआत इन जोश भरे शब्दों से होती है: “उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है.” (यशायाह 60:1)

जो कोई भी प्रभु के लिए उठता और चमकता है, उनके लिए स्वयं प्रभु ही सदा की ज्योति और उनकी महिमा होंगे (यशायाह 60:19).

मसीही जीवन का पहला अनुभव परमेश्वर की महिमा को देखने का अनुभव है. मूसा परमेश्वर की महिमा देखना चाहते थे. उसे चट्टान की दरार में छिपाया गया था, जहाँ उसने प्रभु की महिमा का अनुभव किया. दाऊद भी परमेश्वर की महिमा देखना चाहते थे.

“एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं॥” (भजन संहिता 27:4)

फिर, दाऊद कहते हैं: “इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं.” (भजन संहिता 63:2)

दूसरा अनुभव महिमा को प्रतिबिंबित करने का अनुभव है. जब मूसा चालीस दिनों तक सीनै पर्वत पर प्रभु की उपस्थिति में रहे, तो उनका चेहरा बिना उन्हें पता चले ही चमकने लगा. सचमुच, जो लोग दिन-रात प्रभु की उपस्थिति में उनका इंतज़ार करते हैं, उनके चेहरे चमकने लगेंगे. उनके जीवन से भी उनकी ज्योति चमकेगी. परमेश्वर की महिमा को प्रतिबिंबित करने का अनुभव वास्तव में बहुत अनमोल है.

तीसरा अनुभव महिमा के अभिषेक से भरे होने का अनुभव है. पवित्र आत्मा को महिमा का आत्मा कहा जाता है (1 पतरस 4:14). जब हम पवित्र आत्मा का अभिषेक प्राप्त करते हैं, तो महिमा का परमेश्वर हमारे भीतर आकर वास करते है.

“हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो. हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ. क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा.” (भजन संहिता 24:7)

फिर भी, हमें सिर्फ़ महिमा के अभिषेक से भरे होने के अनुभव तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. उनकी महिमा पाने के बाद, हमें उठना चाहिए और उस महिमा के साथ चमकना चाहिए. भविष्यद्वक्ता यशायाह यही कहते हैं: “उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है.” (यशायाह 60:1)

आप एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जो अंधेरे से घिरी हुई है. प्रभु ने आपको न केवल दुनिया के लिए प्रकाश बनने के लिए, बल्कि उसके बीच अपनी महिमा को प्रकट करने के लिए भी नियुक्त किया है. इसलिए, उठना और चमकना आपकी ज़िम्मेदारी है.

“देख, पृथ्वी पर तो अन्धियारा और राज्य राज्य के लोगों पर घोर अन्धकार छाया हुआ है; परन्तु तेरे ऊपर यहोवा उदय होगा, और उसका तेज तुझ पर प्रगट होगा.” (यशायाह 60:2)

परमेश्वर के प्रिय लोगों, प्रभु के साथ अगले अनुभव की ओर बढ़ें. मसीह के आने पर, आपको महिमा से महिमा की ओर बढ़ना है और उनके स्वरूप में बदलना है. महिमा के देश में, आप महिमा के राजा मसीह के साथ हमेशा आनंद मनाएंगे. हाँ, वह दिन निकट आ रहा है.

मनन के लिए वचन: “परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं॥” (2 कुरिन्थियों 3:18)

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