सितम्बर 20 – पूरे मन से।
“और उन्होंने वाचा बान्धी कि हम अपने पूरे मन और सारे जीव से अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करेंगे.” (2 इतिहास 15:12)
जब आसा इस्राएल का राजा था, तो लोगों के बीच एक बड़ी आध्यात्मिक जागृति आई क्योंकि उन्होंने प्रभु को खोजना शुरू किया. लोगों ने पूरे मन और पूरी आत्मा से प्रभु को खोजने का संकल्प लिया. उन्होंने एक करार भी किया कि जो कोई प्रभु को नहीं खोजेगा, उसे मौत की सज़ा दी जाएगी (2 इतिहास 15:13).
राजा आसा का आदेश बहुत स्पष्ट था: प्रभु को आधे-अधूरे मन से या हल्के-फुल्के ढंग से नहीं, बल्कि पूरे मन से खोजना चाहिए. आसा नाम का अर्थ है “वैद्य” या “डॉक्टर”. उसने इस्राएल के लोगों के लिए जो एकमात्र उपाय बताया, वह यह था: पूरे मन से प्रभु को खोजो. पवित्र शास्त्र कहता है कि जो लोग प्रभु को खोजते हैं, उनके दिल आनंदित होते हैं (भजन संहिता 105:3).
अगर आप किसी डॉक्टर के पास जाएँ, तो वह समझा सकता है कि शारीरिक हृदय हमारे रक्त संचार का केंद्र है. यह पूरे शरीर में रक्त पंप करता है. जैसे मोटर से चलने वाला पंप कुएँ से पानी खींचकर ऊपर पहुँचाता है, वैसे ही हृदय पूरे शरीर में—सिर के ऊपरी हिस्से से लेकर पैरों के तलवों तक—रक्त का संचार करता है. योग करने वाले कुछ लोग ‘शीर्षासन’ भी करते हैं, जिसमें वे सिर के बल खड़े होते हैं; उनका मानना है कि इससे मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और ताजगी व विचारों में स्पष्टता आती है.
लेकिन पवित्र शास्त्र में जिस हृदय की बात की गई है, वह केवल रक्त संचार करने वाला शारीरिक अंग नहीं है. यह स्नेह, प्रेम और भक्ति का निवास स्थान है. जब पवित्र शास्त्र हमसे पूरे दिल से प्रभु को खोजने के लिए कहता है, तो इसका अर्थ है कि हमें उन्हें प्रेम, स्नेह और पूरी निष्ठा के साथ खोजना चाहिए.
हाँ, प्रभु केवल हमारी बुद्धि, हमारी तर्कशक्ति या हमारे शरीर के किसी खास हिस्से में निवास नहीं करते. उन्हें उस हृदय में बसना अच्छा लगता है जो उनसे पूरे मन से प्रेम करता है, और वे उस हृदय को अपना मंदिर बना लेते हैं. तब वह हृदय उनकी उपस्थिति के लिए एक अत्यंत पवित्र स्थान बन जाता है.
जब राजा आसा ने पूरे मन से प्रभु को खोजा, तो प्रभु ने स्वयं को उस पर प्रकट किया (2 इतिहास 15:4). जब आसा ने अपने परमेश्वर प्रभु को खोजा, तो उसे अपने चारों ओर मौजूद शत्रुओं से कोई परेशानी नहीं हुई. प्रभु ने उसे पूरी शांति का समय दिया (2 इतिहास 14:7). इसलिए, जब आपके जीवन में मुश्किलें, संघर्ष और दुश्मन का विरोध आए, तो पूरे मन से प्रभु को खोजने का पक्का फ़ैसला करें. अपनी मुश्किल हालात की वजह से परमेश्वर को खोजने की अपनी लगन को कम न होने दें.
राजा यहोशापात ने उपवास रखकर प्रभु को खोजा (2 इतिहास 20:3). दाऊद ने सुबह-सुबह प्रभु को खोजा (भजन संहिता 63:1). मरियम मगदलीनी ने आँसू बहाते हुए प्रभु को खोजा (यूहन्ना 20:1).
हर किसी ने अलग-अलग हालात में उन्हें खोजा, लेकिन उनके दिलों की एक ही चाहत थी: वे खुद प्रभु को पाना चाहते थे.
परमेश्वर के प्रिय लोगों, पूरे मन से प्रभु को खोजे. जब आप सच्चे मन और पूरे मन से उसे खोजोगे, तो आप निश्चित रूप से उसे पा लेगे (मत्ती 7:7). जब वह हमारे ह्रदय की सबसे बड़ी चाहत बन जाएगा, तो उसकी मौजूदगी हमारी सबसे बड़ी खुशी, उसका वचन हमारी सबसे बड़ी प्रसन्नता और उसकी इच्छा हमारी सबसे बड़ी लगन बन जाएगी.
मनन के लिए वचन: “और वह आसा से भेंट करने निकला, और उस से कहा, हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुम को त्याग देगा.” (2 इतिहास 15:2)