सितम्बर 21 – आपका मन कच्चा ना हो।
“तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा.” (1 शमूएल 17:32)
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पलिश्ती योद्धा गोलियत को देखकर सभी इस्राएलियों के मन में डर बैठ गया था. लेकिन दाऊद उसे देखकर डरा नहीं. उसने दूसरों का भी हौसला बढ़ाया और उनसे कहा कि वे न डरें और हिम्मत न हारें.
हर इंसान के जीवन में चिंताएं, मुश्किलें, समस्याएं और आज़माइशें आना स्वाभाविक है. लेकिन परमेश्वर की संतान होने के नाते, हमें मुश्किलों और हालात से हार नहीं माननी है, बल्कि विश्वास के ज़रिए उन पर जीत हासिल करनी है. जो इंसान अपनी नज़र समस्या पर नहीं, बल्कि प्रभु पर टिकाए रखता है, वह आखिर में जीत हासिल करता है.
शाऊल और उसके सैनिकों ने गोलियत को देखा तो उन्हें अपने सामने एक विशालकाय मनुष्य खड़ा दिखाई दिया. लेकिन दाऊद ने प्रभु को अपनी नज़रों के सामने रखा. इसलिए, उसके मुकाबले गोलियत बहुत छोटा लगा. दाऊद ने देखा कि प्रभु की सेना उसके साथ है. उसे पूरा भरोसा था कि प्रभु के नाम से उसे जीत मिलेगी. उसने संभावित नतीजों के बारे में नहीं सोचा; उसने अपना ध्यान परमेश्वर की सामर्थ पर केंद्रित किया.
दाऊद ने खुद को निराश नहीं होने दिया. इसके बजाय, उसने प्रभु के नाम से जीत की बातें कहीं. वे सिर्फ़ आत्मविश्वास की बातें नहीं थीं; वे विश्वास की बातें थीं:
“आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है. ” (1 शमूएल 17:46)
क्या बहुत सारी समस्याओं की वजह से आपका मन परेशान है? क्या दुनिया में कोई आपके खिलाफ़ खड़ा हो गया है? क्या कोई करीबी और भरोसेमंद दोस्त भी आपके खिलाफ़ हो गया है और आपके ख़िलाफ़ साज़िश रची है?
यीशु कहते हैं: “तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो.” (यूहन्ना 14:1) और पवित्र शास्त्र कहता है: “यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारे विरुद्ध कौन हो सकता है?” (रोमियों 8:31) “परमेश्वर के चुने हुए लोगों पर कौन दोष लगाएगा?” (रोमियों 8:33)
परमेश्वर के प्रिय लोगों, अपने दिल में डर को हावी न होने दें. अपनी समस्याओं को विश्वास की नज़र से देखें और कहें: “यीशु के नाम से, जिन्होंने दुनिया पर जीत हासिल की है, मैं तुम्हारा सामना करता हूँ. तुम मुझ पर हावी नहीं हो सकते. मैं उस परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ जो मुझे जीत दिलाता है.”
जब आप प्रभु पर भरोसा रखेंगे, तो आप निश्चित रूप से देखेंगे कि मज़बूत गढ़ टूट रहे हैं और बाधाएँ दूर हो रही हैं. यीशु मसीह के नाम की शक्ति हमारे लिए काफ़ी है.
प्रभु आज हर परेशान दिल को मज़बूत करता और हमें हिम्मत के साथ हर “गोलियत” का सामना करने का विश्वास दे, यह जानते हुए कि लड़ाई उसी की है.
मनन करने के लिए वचन: “फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा. शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे.” (1 शमूएल 17:37)