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अक्टूबर 07 – देखो! देखो!

“आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते.” (मत्ती 6:26)

देखो! देखो! ध्यान से देखो! प्रभु प्यार से हमें देखने और सीखने के लिए बुलाते हैं.

किसी चीज़ को बस ऊपर-ऊपर से देखने और उसे ध्यान से और गौर से देखने में बहुत फ़र्क है. जब हम सिर्फ़ सतही तौर पर देखते हैं, तो हम कई बारीकियाँ और छिपी हुई सच्चाइयाँ नहीं देख पाते. लेकिन जब हम ध्यान से देखते और बारीकी से जाँचते हैं, तो हम कई ज़रूरी सच्चाइयाँ जान पाते हैं.

प्रभु खास तौर पर हमारा ध्यान तीन चीज़ों की ओर दिलाते हैं:

  • आकाश के पक्षियों को देखो (मत्ती 6:28).
  • ध्यान से सोचो कि खेत के लिली के फूल कैसे बढ़ते हैं (मत्ती 6:28).
  • मसीह यीशु पर ध्यान दो (इब्रानियों 3:1).

एक बार एक विश्वासी बहुत परेशान था क्योंकि वह चार महीने से अपने घर का किराया नहीं दे पाया था. चलते-चलते उसने देखा कि कूड़ेदान में एक मरा हुआ कौआ पड़ा है और उसके आस-पास कई दूसरे कौए जमा होकर काँव-काँव कर रहे हैं.

जब उसने मरे हुए कौए को ध्यान से देखा, तो पाया कि उसकी चोंच खुली हुई थी. और पास से देखने पर उसे उसके मुँह के अंदर फँसी हुई सोने की एक अंगूठी मिली. उसने अंगूठी ली, उसे बेचा और उस पैसे से अपना बकाया किराया चुकाया. फिर वह शांति से रह पाया.

आज भी कौए हमारे आस-पास उड़ते हैं और हमें लगातार याद दिलाते हैं कि एलिय्याह का परमेश्वर आज भी जीवित है! कौआ नहीं बदला है. हम ही हैं जो कौओं को ध्यान से नहीं देख पाए. जिस प्रभु ने एलिय्याह की ज़रूरतें पूरी करने के लिए कौओं का इस्तेमाल किया था, वह नहीं बदला है. यीशु कहते हैं: “कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है.” (लूका 12:24)

एक बार, एक परमेश्वर के भक्त ऐसे इलाके से गुज़र रहा था जो जंगल की आग से तबाह हो गया था. वहाँ उसने एक मुर्गी का जला और मरा हुआ शरीर देखा, और उसके पंखों के नीचे उसे कई ज़िंदा चूज़े मिले. जब जंगल में आग फैली थी, तो मुर्गी ने अपने चूज़ों को अपने पंखों से ढँक लिया था और उनकी रक्षा के लिए वहीं डटी रही थी. अगर वह खुद को बचाना चाहती, तो वह भाग सकती थी या उड़कर सुरक्षित जगह जा सकती थी. लेकिन अपने बच्चों के लिए प्यार की वजह से, उसने उनकी रक्षा के लिए अपनी जान दे दी.

जब यीशु ने यरूशलेम को देखा, तो वे रो पड़े और कहा “हे यरूशलेम, हे यरूशलेम; तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए, उन्हें पत्थरवाह करता है, कितनी ही बार मैं ने चाहा कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे कर लूं, परन्तु तुम ने न चाहा.“ (मत्ती 23:37). मसीह के दिल की कैसी अद्भुत तस्वीर है यह!

परमेश्वर के प्रिय लोगों, प्रभु ने हमारी रक्षा के लिए अपने पंख हम पर कितनी अच्छी तरह फैलाए हैं! वह हमसे कितना गहरा प्यार करते हैं और उनका दिल हमारे लिए कितनी कोमलता से भरा है! परमप्रधान की शरण में आए. सर्वशक्तिमान की छाया में पनाह ले. उनकी सुरक्षा की जगह से बाहर मत भटके.

मनन के लिए वचन: ” वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी. ” (भजन संहिता 91:4)

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